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Wednesday, November 20, 2019

Nida Fazli Biography

Nida Fazli Biography | Age | Death | Height | Weight | Family | Caste | Wiki:


आज हम जिस शायर के बारे में बात करने जा रहे है वो किसी परिचय के मोहताज नहीं है.उनकी अपनी एक अलग ही पहचान है.उनको कई पुरुस्कारों से सम्मानित किया जा चूका है.और वो उर्दू और हिंदी के सुप्रसिद्ध लेखसक है है जिनका नाम है निदा फ़ाज़ली....


Biography of Nida Fazli in Hindi


यहाँ पर हम निदा फ़ाज़ली के जीवन के बारे में जानेंगे.उनके जीवन से जुडी हुई कुछ रोचक बाते हम आपके सामने प्रस्तुत करेंगे.इस आर्टिकल में हमने निदा फ़ाज़ली के बचपन,उनकी षीषा,परिवार,उनके प्रेरणा स्रोत,करियर,शादी से जुडी कुछ रोचक बाते,और फाज़ली की कविताएं,ग़ज़लें,शायरी,फिल्मी गाने,दोहे,उनक द्वारा लिखी गयी पुस्तकें,और उन्हें कोण-कोण से सम्मान दिए गए तथा उनका निदा फ़ाज़ली कैसे पड़ा या फिर उन्होंने ये तख़ल्लुस क्यों इख़्तियार किया.

निदा फ़ाज़ली का जन्म और पारिवारिक जीवन:



मशहूर शायर निदा फ़ाज़ली का जन्म 12 ओक्टुबर 1938 को दिल्ली में हुआ था, जो की एक कश्मीरी परिवार था और उनकी मृत्यु 8 फरवरी 2016 को हुई थी.

उनका असली नाम मुक्तदा हसन निदा 
फ़ाज़ली था. जब निदा फ़ाज़ली सिर्फ 9 साल के थे तब भारत और पाकिस्तान का बटवारा हुआ और उसका दंश उनके परिवार को भी झेलना पड़ा.
उनका परिवार इस बंटवारे के बाद पाकिस्तान चला गया, लेकिन निदा फ़ाज़ली उनके साथ पाकिस्तान नहीं गए और सारी ज़िंदगी उन्होंने भारत में ही गुज़ार दी.


निदा फ़ाज़ली का तखल्लुस:


निदा का मतलब "आवाज़" होता है और फ़ाज़िला कश्मीर का एक इलाका है जहां निदा फ़ाज़ली का परिवार रहता था और फिर वहां से वे दिल्ली में आ कर बस गए थे.

इसलिए निदा जी ने अपने नाम के आगे फाज़ली जोड़ लिया जो की आज के एक विख्यात शायर है और इसी नाम से दुनिया उन्हें जानती है.

फाजली के पिता का नाम मुर्तज़ा हसन और माता का नाम जमील फातिमा था.निदा अपने  माता पिता की तीसरी संतान थे.उनका नाम उनके बड़े भाई के नाम के क़ाफिये से मिला कर मुक्तदा हसन रखा गया.


शुरूआती जीवन:


निदा फ़ाज़ली का शुरूआती जीवन ग्वालियर में गुज़रा.इनके पिता भी शायर थे.1985 में उन्होंने ग्वालियर कॉलेज से स्नातकोत्तर पढ़ाई पूरी करी.

निदा फ़ाज़ली ने छोटी उम्र से ही लिखना शुश्रु कर दिया था."सफ़रोश" फिल्म की वो मशहूर ग़ज़ल भी उन्होंने ही लिखी है.


प्रेरणा स्रोत:


जब निदा फ़ाज़ली कॉलेज में थे उनके सामने वाली बेंच पर एक लड़की बैठा करती थी जिससे वे बहुत लगाव महसूस करते थे लेकिन उसकी अचानक एक एक्सीडेंट में मौत हो गयी जिससे वे बहुत आहत हुए.उनको इससे बहुत दुःख हुआ,लेकिन अपने दुःख को वो किसी तरह ज़ाहिर नहीं कर पा रहे थे.

वो जो कुछ भी लिख रहे थे उससे उनके अन्दर की भावनायें ठीक से व्यक्त नहीं हो पा रही थी.
वे चाहते थे कि किसी तरह से वे अपने इस दुख को व्यक्त करे लेकिन वो उनकी रचनाओं में प्रकट नहीं हो पा रहा था.

फिर उन्होंने सूरदास,कबीरदास,बाबा फरीद,और तुसदास की रचनाओं का अध्ययन करना शुरू किया.
उनकी सरल भाषा उनको बहुत पसन् आई.जिसमे बड़े ही सरल तरीके से वे अपने आप को व्यक्त कर देते थे.

एक दिन सुबह मंदिर के सामने से गुजरते वक़्त उन्होंने किसी को सूरदास का ये भजन "मधुबन तुम क्यौं रहत हरे? बिरह बियोग स्याम सुंदर के ठाढ़े क्यौं न जरे?" गाते हुए सुना.

इस भजन में कृष्ण के मथुरा चले जाने का दुःख राधा द्वारा व्यक्त किया गया है.

जो की इस प्रकार है.

ऐ फुलवारी, तुम हरी क्यों बनी हुई हो? कृष्ण के वियोग में तुम खड़े-खड़े क्यों नहीं जल गईं? 



Nida fazli wife:


निदा फ़ाज़ली की वाइफ का नाम मालती जोशी है.जब फाज़ली से उनकी शादी हुई थी तब वे सिर्फ 26 साल की थी और फाज़ली उस समय 50 वर्ष के थे.मालती जोशी राजकोट की रहने वाली है और वो एक गायिका है.उनकी मुलाक़ात एक अस्पताल में हुई थी जहाँ पर फाज़ली जी को किसी बीमारी के कारण भर्ती कराया गया था.

निदा फ़ाज़ली की यह दूसरी शादी थी.उनका पहली पत्नी से तलाक़ हो चुका था.शादी के बाद मालती मुंबई में रहने लगी.उनकी एक बेटी भी है जिसका नाम तहरीर है.


Career:


1964 में फैली मुंबई आ गए ताकि उनके सपने असलियत में बदल सके.जल्द ही उनकी गिनती मशहूर शायरों में की जाने लगी.

मुंबई जाने के उन्होंने धर्मयुग, ब्लिट्ज़ (Blitz) जैसी पत्रिकाओं, समाचार पत्रों के लिए 
लिखना शुरू कर दिया.कई सालों की मेहनत के बाद उनका एक गीत"तू इस तरह से मेरी ज़िंदग़ी में शामिल है" फिल्म "आप तो ऐसे न थे" में फिल्माया गया जो की बहुत ही लोकप्रिय हुआ.

इसके बाद उनको लोग पहचानने लगे थे और उनका नाम गीतकार के रूप में प्रसिद्द हो चूका था.

उनकी सरल भाषा शैली सभी को प्रभावित करती थी.उर्दू कविता का पहला संग्रह 1969 में पब्लिश किया गया.

इसके बाद से ही उनके करियर की शुरुआत हो गयी.

उस समय फिल्म डायरेक्टर और प्रोडूसरकामाल अमरोही अपनी एक फिल्म पर काम कर रहे थे जिसका नाम "रज़िया सुल्ताना" था,इस फिल्म के गीत जान निसार अख्तर लिख रहे थे लेकिन अचानक उनकी मृत्यु हो गयी और वे फिल्म के सारे गीत नहीं लिख पाए.

जां निसार अख्तर निदा फ़ाज़ली के बारे में जानते थे और वे ग्वालियर के ही रहने वाले थे.उन्होंने फाज़ली के बारे में कमाल साहब को बता रखा था.

इसलिए फिल्म का गाना लिखने की जिम्मेदारी कमाल साहब ने फाज़ली को दे दी,और बचे हुए दो गाने फ़ाज़ली ने लिखे.और इस तरह से उनके फ़िल्मी कैरियर की शुरुआत हो गयी.


फ़ाज़ली ने एक किताब लिखी जिसमें उन्होंने उस समय के विख्यात लेखकों और शायरों के बारे में लिखा जिसका नाम "मुलाकाते" है.


निदा फ़ाज़ली के शेर का जब वे पकिस्तान गए तो काफी विरोध किया गया जो कि कट्टरपंथी लोग थे.लोगो ने उन्हें घेर लिया और उनसे पूछा कि क्या वे किसी बच्चे को अल्लाह से भी बड़ा समझते है.
इस बात पर उन्होंने जवाब की मस्जिद इंसान बनाते है जबकि बच्चे को स्वयं अल्लाह अपने हाथों से बनाते है.


निदा फ़ाज़ली की रचनाये:


निदा फ़ाज़ली के कुछ लोकप्रिय गीत इस प्रकार है...


·        तू इस तरह से मेरी ज़िंदग़ी में शामिल है (फ़िल्म आहिस्ता-आहिस्ता)
·        चुप तुम रहो, चुप हम रहें (फ़िल्म इस रात की सुबह नहीं)
·        दुनिया जिसे कहते हैं, मिट्टी का खिलौना है (ग़ज़ल)
·        हर तरफ़ हर जगह बेशुमार आदमी (ग़ज़ल)
·        अपना ग़म लेके कहीं और न जाया जाये (ग़ज़ल)
·        टीवी सीरियल सैलाब का शीर्षक गीत
·        होश वालों को खबर क्या, बेखुदी क्या चीज है (फ़िल्म सरफ़रोश)
·        कभी किसी को मुक़म्मल जहाँ नहीं मिलता (फ़िल्म आहिस्ता-आहिस्ता) (पुस्तक मौसम आते जाते हैं से)
·        तेरा हिज्र मेरा नसीब है, तेरा गम मेरी हयात है (फ़िल्म रज़िया सुल्ताना)। यह उनका लिखा पहला फ़िल्मी गाना था।
·        आई ज़ंजीर की झन्कार, ख़ुदा ख़ैर कर (फ़िल्म रज़िया सुल्ताना)

Nida Fazli Books

काव्य संग्रह  

·        लफ़्ज़ों के फूल (पहला प्रकाशित संकलन)
·        मोर नाच
·        आँख और ख़्वाब के दरमियाँ
·        खोया हुआ सा कुछ (१९९६) (१९९८ में साहित्य अकादमी से पुरस्कृत)
·        आँखों भर आकाश
·        सफ़र में धूप तो होगी

आत्मकथा


·        दीवारों के बीच
·        दीवारों के बाहर
·        निदा फ़ाज़ली (संपादक: कन्हैया लाल नंदन)

संस्मरण


·        मुलाक़ातें
·        सफ़र में धूप तो होगी
·        तमाशा मेरे आगे


पुरस्कार और सम्मान:


निदा फाजली को कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चूका है,जिसमे कई उर्दू अकादमी अवार्ड भी शामिल है.उनको मीर तकी मीर पुरूस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है.

फ़ाज़ली जी को साहित्य अकादमी पुरस्कार भी दिया जा चुका है,और 2013 में उन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया जा चूका है जो कि राष्ट्र के सबसे बड़े पुरस्कारों में से एक है.

उनको मिले पुरस्कारों को निचे दिया गया है.

·        १९९८ साहित्य अकादमी पुरस्कार - काव्य संग्रह खोया हुआ सा कुछ (१९९६) पर - Writing on communal harmony
·        National Harmony Award for writing on communal harmony
·        २००३ स्टार स्क्रीन पुरस्कार - श्रेष्टतम गीतकार - फ़िल्म 'सुर के लिए
·        २००३ बॉलीवुड मूवी पुरस्कार - श्रेष्टतम गीतकार - फ़िल्म सुर के गीत आ भी जा' के लिए
·        मध्यप्रदेश सरकार का मीर तकी मीर पुरस्कार (आत्मकथा रुपी उपन्यास दीवारों के बीच के लिए)
·        मध्यप्रदेश सरकार का खुसरो पुरस्कार - उर्दू और हिन्दी साहित्य के लिए
·        महाराष्ट्र उर्दू अकादमी का श्रेष्ठतम कविता पुरस्कार - उर्दू साहित्य के लिए
·        बिहार उर्दू अकादमी पुरस्कार
·        उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी का पुरस्कार
·        हिन्दी उर्दू संगम पुरस्कार (लखनऊ) - उर्दू और हिन्दी साहित्य के लिए
·        मारवाड़ कला संगम (जोधपुर)
·        पंजाब एसोशिएशन (मद्रास - चेन्नई)
·        कला संगम (लुधियाना)
·        पद्मश्री 2013

Nida Fazli Songs




यहाँ पर हम उनके द्वारा लिखे गए कुछ गीतों के लिरिक्स दे रहे है...

Song Lyrics: Hosh Walon ko khabar Kya Lyrics Sung by Jagjit Singh


Mmm Mm Mm
Haa Haa Haa Haa Haa Haa
Hoshwalon Ko Khabar Kya
Bekhudi Kya Cheez Hai
Hoshwalon Ko Khabar Kya
Bekhudi Kya Cheez Hai
Ishq Kijiye Phir Samajhiye
Zindagi Kya Cheez Hai
Hoshwalon Ko Khabar Kya
Bekhudi Kya Cheez Hai...
Unse Nazare Kya Milin Roshan Fizaein Ho Gayee
Hmm Hmm Hmm Hmm
Aah Haa Aah Haa Haa Haa
La La La La La La
Unse Nazar Kya Milin Roshan Fizaein Ho Gayee
Aaj Jana Pyaar Ki Jaadugari Kya Cheez Hai
Ishq Kijiye Phir Samajhiye
Zindagi Kya Cheez Hai...
Khulti Zulfon Ne Sikhayee
Mausamon Ko Shayaree
Umm Hmm Hmm Hmm
La La La La La La

Khulti Zulfon Ne Sikhayee
Mausamon Ko Shayaree
Jhukti Aankhon Ne Bataya Maikashi Kya Cheez Hai
Ishq Ki Jaye Phir Samajhiye
Zindagi Kya Cheez Hai...
Hum Labon Se Keh Na Paaye, Unse Haal-E-Dil Kabhi
Umm Hmm Hmm Hmm
La La La La La La
Umm Hmm Hmm Hmm Hmm
Hum Labon Se Keh Na Paaye, Unse Haal-E-Dil Kabhi
Aur Woh Samjhe Nahin Ye Khamoshi Kya Cheez Hai
Ishq Kijiye Phir Samajhiye

Zindagi Kya Cheez Hai..

Song Lyrics: Tu Is Tarah Se Meri Zindagi Mein Shamil Hai



Tu Is Tarah Se Meri Zindagi Mein Shamil Hai

...

Jahan Bhi Jaun Yeh Lagta Hai Teri Mehfil Hai
Tu Is Tarah Se Meri Zindagi Mein Shamil Hai

...

Yeh Aasman Yeh Badal Ye Raastey Ye Hava
...
Har Ek Cheez Hai Apni Jagah Thikane Se
...

Kai Dino Se Shikayat Nahin Zamane Se

...

Yeh Zindagi Hai Safar Tu Safar Ki Manzil Hai
...
Jahan Bhi Jaun Yeh Lagta Hai Teri Mehfil Hai
...
Tu Is Tarah Se Meri Zindagi Main Shamil Hai
...
Tere Bagair Jahan Mein Koi Kami Si Thi
...
Bhatak Rahi Thi Jawani Andheri Rahon Mein
...
Sukhoon Dil Ko Mila Aake Teri Bahon Mein
...
Main Ek Khoyi Hui Mauj Hoon Tu Saahil Hai
...
Jahan Bhi Jaun Yeh Lagta Hai Teri Mehfil Hai
...
Tu Is Tarah Se Meri Zindagi Main Shamil Hai
...
Tere zamaal se raushan hai kaynaat meri
...
Meri talaash teri dilkashi rahe baki
...
Khuda kare ki ye deewangi rahe
baaki
...
Teri wafa hi meri har khushi kahasil
hai
...
jaha bhi jau ye lagta hai teri mahfil
hai
...
Tu is tarah se meri zindagi me shamil
hai



Nida Fazli Inspirational Shayari:


यहाँ पर हम निदा फ़ाज़ली साहब की कुछ शायरी आपके लिए प्रतुत कर रहे है,जो की बहुत ही इन्सपिरेशनल है जो हर दिल को छू जाती है.



गम है आवारा, अकेले में भटक जाता है,
जिस जगह रहिये वह मिलते-मिलाते रहिये।

Gam hai awara, akele me bhatak jata hai,
Jis jagah rahiye wahan milte milate rahiye...

हर आदमी में होते है 10-20 आदमी
जिस को भी देखना हो कई बार देखना

Har Aadmi Me Hote Hai 10-20 Aadmi
Jis Ko Dekhna Ho Kai Baar Dekhna


Nida Fazli Two Line Shayari In Hindi


दिल को ना हो ज़रुरत तो महोब्बत नहीं मिलती,
खैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती।

Dil ko naa ho jaroorat to mahobbat nahi milti,
Khairat me itni badi daulat nahi milti...


हर घडी खुद से उलझना है मुकदर मेरा
मैं ही कश्ती हूँ मुझी में है समंदर मेरा


Har Ghadi Khud Se Ulajhna Hai Mukaddar Mera
Mein Hi Kashti Hun Mujh Me Hai Samandar Mera


Shayari From Nida Fazli Books


अपनी मर्जी के कहाँ, अपने सफ़र के है हम,
रुख हवाओ का जिधर का है, उधर के है हम।

Apni marzi ke kahan, apne safar ke hai hum,
Rukh hawaaon ka jidhar ka hai, udhar ke hai hum...


Nida Fazli Poems In Hindi



बच्चो के छोटे-छोटे हाथो को चाँद सितारे छूने दो,
चार किताबे पढ़ कर ये भी हम जैसे हो जायेंगे।


Baccho ke chote-chote hatho ko chand-sitarey chu lene do,
Chaar kitabe padh kar ye bhi hum jaise ho jayenge...


Nida Fazli Inspirational Shayari



दुश्मनी लाख सही,
यूँ रिस्ता ना खत्म कीजिये,
दिल मिला या ना मिले,
हाथ जरूर मिलाते रहिये।


Dushmani lakh sahi,
Yun rishta na khatam kijiye,
Dil mile ya na mile,
Hath jaroor milate rahiye...

Nida Fazli Quotes Hindi


यहाँ कोई किसी को रास्ता नहीं देता
मुझे गिरा कर अगर तुम संभल सको तो चलो

Yahan Koi Kisi Ko Raasta Nahi Deta
Mujhe Gira Kar Agar Tum Sambhal Sako To Chalo




Nida Fazli Hindi Shayari



अब किसी से भी शिकायत नहीं रही,
जाने किस-किस से गिला था पहले


Ab kisi se shikayat nahi rahi,
Jaane kis-kis se gila tha pehle...


Poems In Nida Fazli Shayari Books


केवल खुशिया है अब, न कोई रुलाने वाला,
हमने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला।

Keval khushiyan hai ab, naa koi rulane wala,
Humne apnaa liya hai rang zamane wala...


Popular Nida Fazli Shayari


एक बे-चेहरे सी उम्मीद है चेहरा-चेहरा,
जिस तरफ भी देखिये आने को है आने वाला।


Ek be-chahre si umeed hai chehra-chehra,
Jis taraf bhi dekhiye Aane ko hai Aane wala....


अब ख़ुशी है ना कोई ग़म रुलाने वाला
हमने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला

Ab Khushi Hai Naa Koi Gham Rulane Wala
Humne Apna Liya Har Rang Jamane Wala


Nida Fazli Urdu Shayari In Hindi Font


बरसात का बादल तो दीवाना है...
वो क्या जाने,
किस राह से बचना है और किस छत को भिगोना है।


Barsaat ka badal to deewana hai,
vo kya jaane,
Kis raah se bachna hai aur kis chhat ko bhigona hai...



गुरुर बढ़ने लगा था इंसान का
धुप ने फ़ौरन साया छोटा कर दिए

Gurur Badhne Laga Tha Insaan Ka
Dhoop Ne Fauran Saaya Chota Kar Diya


Nida Fazli Dohe



मैं रोया परदेस में, भीगा माँ का प्यार
दुःख ने दुःख से बात कि, बिन चीठी बिन तार
Main roya pardes mein, bheegaa maan kaa pyaar
Dukh ne dukh se baat ki, bin chithhi bin taar

छोटा कर के देखिए जीवन का विस्तार
आंखों भर आकाश है, बाहों भर संसार
Chhotaa kar ke dekhiye jeevan kaa vistaar
Aankhon bhar aakaash hai, baahon bhar sansaar



लेके तन के नाप को, घूमे बस्ती गाँव
हर चादर के घेर से, बाहर निकले पाँव
Leke tan ke naap ko, ghoome basti gaanv
Har chaadar ke gher se, baahar nikalay paanv
*****
सब कि पूजा एक सी, अलग अलग है रीत
मस्जिद जाये मौलवी, कोयल गाए गीत
Sab ki poojaa ek si, alag alag hai reet
Masjid jaaye maulavi, koyal gaaye geet
*****
पूजा घर में मुर्ति मीरा के संग श्याम ,
जिसकी जितनी चाकरी, उतने उसके दाम
Pooja ghar mein murati Meera ke sang Shyam,
Jiski jitni chaakari utne uske daam
*****
नदिया सींचे खेत को, तोता कुतरे आम
सूरज ठेकेदार सा, सब को बांटे काम
Nadiyaa seenchay khet ko, tota kutaray aam
Sooraj thekedaar saa, sab ko baantay kaam
*****
सातों दिन भगवान के, क्या मंगल क्या पीर
जिस दिन सोये देर तक, भूखा रहे फकीर
Saaton din bhagawaan ke, kyaa mangal kyaa peer
Jis din soye der tak, bhookhaa rahay fakir
*****
अच्छी संगत बैठकर, संगी बदले रुप
जैसे मिलकर आम से मीठी हो गयी धुप
Achhi sangat baithkar, sangi badalay roop
Jaisay milkar aam se meethii ho gayi dhoop
*****
सपना झरना नींद का, जागी आँखें प्यास
पाना, खोना, खोजना साँसों का इतिहास
Sapnaa jharnaa neend kaa, jaagii aankhen pyaas
Paanaa, khonaa, khojanaa saanson kaa itihaas
*****
चाहे गीता बांचिये, या पढिये कुरान
मेरा तेरा प्यार ही हर पुस्तक का ज्ञान
Chaahay Geetaa baanchiye, yaa padhiye Quraan
mera tera pyaar hi har pustak kaa gyaan
*****
घर को खोजें रात दिन घर से निकले पाँव
वो रस्ता ही खो गया जिस रस्ते था गाँव
Ghar ko khoje raat din,ghar se nikle paav,
Wo rasta hi kho gaya,jis raste tha gaav.
*****
चीखे घर के द्वार की लकड़ी हर बरसात
कटकर भी मरते नहीं, पेड़ों में दिन-रात
Cheekhe ghar ke dwar ki ladki har barsaat
Katkar bhi marte nahi, Padou mein din rat


रास्ते को भी दोष दे, आँखें भी कर लाल
चप्पल में जो कील है, पहले उसे निकाल
Raste ko bhi dosh de,aankhe bhi kar laal,
Chhapal me jo kiil hai,pehale use nikal…
*****
ऊपर से गुड़िया हँसे, अंदर पोलमपोल
गुड़िया से है प्यार तो, टाँकों को मत खोल
Oopar se gudiya hanse, andar polampol
Gudiya se hai pyaar to, tanko’n ko mat khol

*****
दर्पण में आँखें बनीं, दीवारों में कान
चूड़ी में बजने लगी, अधरों की मुस्कान
Darpan mein aankhen bani, diwaron mein kaan
Chudi mein bajne lagi, adhron ki muskan
*****
मैं क्या जानूँ तू बता, तू है मेरा कौन
मेरे मन की बात को, बोले तेरा मौन
Mein kya jaanu tu bata, tu hai mera koun
Mere man ki baat ko, bole tera moun
*****
चिड़ियों को चहकाकर दे, गीतों को दे बोल
सूरज बिन आकाश है, गोरी घूँघट खोल
chidiyon ko chahakaakar de, geeton ko de bol
Sooraj bin akash hai, gori ghoonghat khol
*****
सुना है अपने गाँव में, रहा न अब वह नीम
जिसके आगे मंद  थे, सारे वैध-हकीम
Sunaa hai apne gao’n mein, rahaa na ab wo neem
Jiske aage mand the, saare vaid haqeem
*****
बूढ़ा पीपल घाट का, बतियाए दिन-रात
जो भी गुज़रे पास से, सिर पे रख दे हाथ
Budha peepal ghaat ka, batiya’e din raat
Jo bhee gujre paas se, sar pe rakh de haath
*****
मैं भी तू भी यात्री, आती-जाती रेल
अपने-अपने गाँव तक, सबका सब से मेल
Mein bhi tu bhi yatri, aati jaati rail
Apne apne gaaon tak, sabka sab se mel
*****
पंछी मानव, फूल, जल, अलग-अलग आकार
माटी का घर एक ही, सारे रिश्तेदार
Panchi, manav, phool, jal, alag alag aakar
Mati ka ghar aek hi, saare rishtedar
*****
सीधा सादा डाकिया जादू करे महान
एक ही थैले में भरे आँसू और मुस्कान
Seedha saadha daakiya,jadu kare mahaan
Ek hi thailey main bhare,aansu aur Muskaan
*****
अंदर मूरत पर चढ़े , घी, पूरी ,मिष्ठान
मंदिर के बाहर खड़ा, ईश्वर मांगे दान
andar moorat par chadhe, ghee pooree mishthan
mandir ke baahar khada, eeshwar maange daan
*****
सीता रावण राम का, करें विभाजन लोग
एक ही तन में देखिये, तीनो का संजोग
seeta raavan raam ka, karein vibhaajan log
ek hee tan mein dekhiye, teeno ka sanjog
*****
वो सूफी का कौल हो, या पंडित का ज्ञान
जितनी बीते आप पर, उतना ही सच जान
wo soofee ka koul ho, ya pandit ka gyaan
jitnee beete aap par, utnaa hee sach jaan
*****
सात समुन्दर पार से, कोई करे व्यापार
पहले भेजे सरहदें, फिर भेजे हथियार
saat samundar paar se, koee kare vyaapar
pahle bheje sarhadein, phir bheje hathiyaar
*****
यूं ही होता है सदा, हर चूनर के संग
पन्छी बन कर धूप में, उड़ जाता है रंग
yoon hee hotaa hai sadaa, har choonar ke sang
panchhee ban kar dhoop mein, urh jaata hai rang
*****
जीवन भर भटका किये, खली न मन की गाँठ
उसका रास्ता छोड़कर, देखी उसकी बात
jeevan bhar bhatkaa kiye, khulee na man kee gaanth
uskaa rastaa chhorhkar, dekhee uskee baat
*****
बरखा सब को दान दे, जिसकी जितनी प्यास
मोती सीये सीप में, माटी में घास
barkhaa sab ko daan de, jiskee jitanee pyaas
motee seeye seep mein, maatee mein ghaas
*****
जीवन के दिन रैन का, कैसे लगे हिसाब
दीमक के घर बैठ कर, लेखक लिखे किताब
jeevan ke din rain kaa , kaise lage hisaab
deemak ke ghar baith kar, lekhak likhe kitaab
*****
युग युग से हर बाग़ का, ये ही एक उसूल
जिसको हंसना आ गया, वो ही मट्टी फूल
yug-yug se har baag kaa, ye hee aik usool
jisko hansnaa aagayaa, vo hee mattee phool
*****
ईसा, अल्लाह, ईश्वर, सारे मंतर सीख
जाने कब किस नाम से मिले ज्यादा भीख
isaa,allah,ishwar,sare mantar seekh
jaane kab kis naam se,mile jyada bheekh
*****
स्टेशन पर ख़त्म की भारत तेरी खोज
नेहरू ने लिखा नहीं कुली के सर का बोझ
Station par khatm kii bharat teri khoj
Neharu ne likha nahi kuli ke sar ka bojh